Salesforce AI Strategy: टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर जितना उत्साह है, उतनी ही तेजी से अब उसकी सीमाएँ भी सामने आ रही हैं। इसी कड़ी में CRM दिग्गज Salesforce ने अपनी Salesforce AI strategy में एक अहम बदलाव किया है। कंपनी ने स्वीकार किया है कि बड़े भाषा मॉडल (LLMs) को लेकर वह पहले जरूरत से ज्यादा आश्वस्त थी, लेकिन अब विश्वसनीयता से जुड़े सवालों के कारण AI के उपयोग को सीमित किया जा रहा है।

यह फैसला सिर्फ Salesforce तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी AI इंडस्ट्री के लिए एक मजबूत संकेत देता है कि “AI हर समस्या का समाधान नहीं है।”
Salesforce AI Strategy में बदलाव क्यों हुआ?
Salesforce के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, कंपनी ने अपने AI एजेंट्स को कई जटिल बिजनेस टास्क के लिए इस्तेमाल किया, लेकिन वास्तविक दुनिया में इनके नतीजे उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे। Salesforce AI strategy के तहत जिन AI एजेंट्स को ग्राहक सहायता, ऑटोमेशन और इंटरनल प्रोसेस के लिए तैनात किया गया था, वे कई बार निर्देशों को ठीक से फॉलो नहीं कर पाए।

कंपनी ने माना कि जब AI एजेंट्स को एक साथ 8–10 निर्देश दिए जाते थे, तो वे कुछ स्टेप्स को नजरअंदाज कर देते थे। बिजनेस के नजरिए से यह छोटी गलती नहीं, बल्कि ग्राहक अनुभव और भरोसे पर सीधा असर डालने वाली समस्या है।
AI एजेंट्स की सबसे बड़ी समस्या: भरोसे की कमी
Salesforce AI strategy का सबसे कमजोर पहलू reliability बनकर सामने आया। AI एजेंट्स कई बार “drift” करने लगे, यानी अपने मूल काम से भटक गए। उदाहरण के तौर पर, अगर किसी ग्राहक ने बातचीत के दौरान विषय से हटकर सवाल पूछ लिया, तो AI एजेंट जरूरी बिजनेस टास्क को पूरा करना भूल जाता था।
एक केस में, Salesforce के कस्टमर सपोर्ट सिस्टम को हर चैट के बाद फीडबैक सर्वे भेजना था, लेकिन AI कई बार ऐसा करना भूल गया। आखिरकार कंपनी को वहां deterministic rules लगाने पड़े, ताकि यह काम AI के भरोसे न रहे।
यही वजह है कि अब Salesforce AI strategy में “open-ended AI” की बजाय ज्यादा नियंत्रित और नियम-आधारित ऑटोमेशन पर जोर दिया जा रहा है।
4,000 कर्मचारियों की छंटनी और AI ऑटोमेशन
Salesforce AI strategy का असर कंपनी के कर्मचारियों पर भी पड़ा। AI एजेंट्स को बड़े पैमाने पर लागू करने के बाद Salesforce ने करीब 4,000 कर्मचारियों की छंटनी की, जिनमें ज्यादातर कस्टमर सपोर्ट से जुड़े लोग थे।
CEO मार्क बेनिऑफ ने खुद माना कि AI एजेंट्स ने कस्टमर सर्विस का बड़ा हिस्सा संभाल लिया है, जिससे कम लोगों की जरूरत महसूस हुई। हालांकि बाद में जब AI की सीमाएँ सामने आईं, तो यह सवाल भी उठा कि क्या कंपनियाँ AI पर जरूरत से ज्यादा भरोसा कर रही हैं।
यह मुद्दा सिर्फ Salesforce AI strategy तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया में AI बनाम मानव नौकरियों की बहस को और तेज करता है।
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Salesforce AI Strategy अब किस दिशा में जा रही है?
अब Salesforce पूरी तरह AI को छोड़ नहीं रहा, बल्कि अपनी रणनीति को री-डिज़ाइन कर रहा है। नई Salesforce AI strategy में कंपनी:
- बड़े भाषा मॉडल्स पर पूरी निर्भरता कम करेगी
- ज्यादा predictable और deterministic automation अपनाएगी
- AI को केवल उन टास्क तक सीमित रखेगी, जहां गलती की गुंजाइश कम हो
इसका मकसद यह है कि बिजनेस-क्रिटिकल फैसले पूरी तरह AI पर न छोड़कर, इंसानी नियंत्रण बनाए रखा जाए।
क्यों यह बदलाव पूरी टेक इंडस्ट्री के लिए मायने रखता है?
1️⃣ AI को लेकर हाइप बनाम हकीकत
Salesforce AI strategy में बदलाव यह दिखाता है कि AI को लेकर जो हाइप बनाया गया था, वह हर जगह लागू नहीं होता। बड़ी कंपनियाँ अब यह समझ रही हैं कि AI “copilot” हो सकता है, “autopilot” नहीं।
2️⃣ एंटरप्राइज लेवल पर भरोसे की अहमियत
एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर में भरोसा सबसे जरूरी होता है। अगर AI बार-बार गलती करे, तो ग्राहक कंपनी पर भरोसा खो सकते हैं। Salesforce का कदम इसी जोखिम को कम करने की कोशिश है।
3️⃣ कर्मचारियों और AI के बीच संतुलन
Salesforce AI strategy यह भी सिखाती है कि AI के कारण नौकरियों में कटौती तो संभव है, लेकिन अगर AI भरोसेमंद न हो, तो इंसानों की भूमिका फिर से अहम हो जाती है।
ग्राहकों और बिजनेस पर इसका असर
ग्राहकों के लिए इसका मतलब है ज्यादा consistent और reliable service। Salesforce अब ऐसे सिस्टम बना रहा है जहां AI और नियम-आधारित प्रोसेस साथ-साथ काम करें।
बिजनेस के लिए यह एक सीख है कि AI को अपनाने से पहले उसके long-term impact और सीमाओं को समझना जरूरी है। सिर्फ ट्रेंड के पीछे भागना नुकसानदायक हो सकता है।
आगे क्या संकेत देती है Salesforce AI Strategy?
Salesforce AI strategy में यह बदलाव एक तरह से पूरी AI इंडस्ट्री को चेतावनी देता है। आने वाले समय में:
- कंपनियाँ AI पर अंधा भरोसा कम करेंगी
- Hybrid models (AI + human control) बढ़ेंगे
- Reliability और accountability सबसे बड़े फैक्टर होंगे
Salesforce का यह कदम दिखाता है कि असली इनोवेशन सिर्फ नई तकनीक अपनाने में नहीं, बल्कि उसे सही तरीके से इस्तेमाल करने में है।
🔍 निष्कर्ष
Salesforce AI strategy में किया गया यह बदलाव यह साबित करता है कि AI भविष्य जरूर है, लेकिन बिना भरोसे और नियंत्रण के नहीं। Salesforce का अनुभव बाकी कंपनियों के लिए एक अहम सबक है—AI को समझदारी से अपनाइए, वरना फायदे से ज्यादा नुकसान हो सकता है।
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लेखक परिचय (Author Bio):

शिवम पाल एक अनुभवी कंटेंट राइटर और डिजिटल पब्लिशर हैं, जिन्हें ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और ट्रेंडिंग न्यूज़ पर भरोसेमंद व तथ्यात्मक लेख लिखने का अनुभव है। वे SEO-फ्रेंडली, रीडर-फर्स्ट और Google Discover-अनुकूल कंटेंट बनाने में विशेषज्ञ हैं।
Times of India और newsbyte की reports यही जानने में मदद करती हैं।